पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के सरकारी, अर्द्ध सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों, निकायों और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों की लंबित मांग को पूरा कर दिया है। अब उन्हें पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ पाने के लिए हर छह महीने में शासनादेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह लाभ उन्हें नियमित रूप से प्राप्त होगा।
सरकार ने उत्तराखंड सरकारी सेवकों के लिए पदोन्नति हेतु अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली, 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक आनंद बर्द्धन द्वारा जारी इस नियमावली के अनुसार, अब कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में एक बार पदोन्नति के लिए आवश्यक सेवा अवधि में 50 प्रतिशत तक की छूट मिल सकेगी।
यही नहीं, इस नियमावली के लागू होने के बाद पदोन्नति में शिथिलीकरण से संबंधित विभागीय सेवा नियमावलियों की अलग-अलग व्यवस्था भी समाप्त हो गई है। अब सभी विभागों के लिए एक समान नियमावली के प्रावधान लागू होंगे। इसके पहले, वर्ष 2010 में जारी उत्तराखंड सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली (जो समय-समय पर संशोधित होती रही थी) अब निरस्त मानी जाएगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वरिष्ठ कार्मिकों की पदोन्नति में कोई बाधा नहीं आएगी। हालांकि, पदोन्नति में निर्धारित सेवा अवधि में छूट का लाभ पहले प्राप्त कर चुके कार्मिक दोबारा इस लाभ के पात्र नहीं होंगे। यदि विभागों की सेवा नियमावलियों में इस संबंध में कोई प्रावधान है, तो वह अब लागू नहीं माना जाएगा।