देहरादून : यदि कोई व्यक्ति आवेदन या पंजीकरण से संबंधित किसी अन्य मामले में झूठी शिकायत दर्ज करता है, तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। और यदि वह तीसरी बार झूठी शिकायत करता है, तो जुर्माना 10,000 रुपये तक बढ़ा दिया जाएगा।
समान नागरिक संहिता के तहत किए गए आवेदनों पर फर्जी शिकायत करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य झूठी शिकायतों के आधार पर किसी को परेशान करने वाले व्यक्तियों को हतोत्साहित करना है। गृह विभाग की अपर सचिव निवेदिता कुकरेती ने बताया कि समान नागरिक संहिता के तहत किए जाने वाले आवेदनों और पंजीकरणों को किसी भी प्रकार के विवाद से मुक्त रखने की पूरी कोशिश की गई है।
समान नागरिक संहिता नियमावली के अध्याय-6 के नियम-20 (उपखंड 2) के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करता है, तो पहली बार में उसे भविष्य के लिए चेतावनी दी जाएगी।
यदि कोई व्यक्ति फिर भी आवेदन या पंजीकरण से संबंधित किसी अन्य मामले में झूठी शिकायत दर्ज करता है, तो उसे 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। और यदि वह तीसरी बार झूठी शिकायत करता है, तो जुर्माना 10,000 रुपये तक बढ़ा दिया जाएगा। शिकायतकर्ता को यह राशि 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन तरीके से अदा करनी होगी। यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो जुर्माने की वसूली भू-राजस्व की तर्ज पर तहसील के माध्यम से की जाएगी।