उत्तराखंड के दून और हरिद्वार में कुट्टू के आटे से फूड प्वॉइजनिंग के 384 मामलों के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार को विभाग ने प्रदेश भर में 1,500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी की और कुट्टू के आटे समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के 100 से ज्यादा सैंपल लिए। इसके अलावा, दो दर्जन से अधिक दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
दून में मिलावट की आशंका के चलते 100 किलो कुट्टू के आटे को जब्त कर नष्ट किया गया। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
इस बीच, स्वास्थ्य सचिव ने कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने के कारण लोगों के बीमार पड़ने की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया है। यह समिति मामले की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति में उपायुक्त राजेंद्र सिंह रावत, सतर्कता सह अभिसूचना शाखा के अधिकारी और स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से नामित दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति तीन दिनों के भीतर स्वास्थ्य सचिव को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी, ताकि फूड प्वॉइजनिंग के मामलों की जांच और मिलावट के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
स्वास्थ्य सचिव और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आम जनता को मिलावटखोरों के खिलाफ जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि केवल जनता के सहयोग से ही मिलावटखोरी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि लोगों को यह समझना जरूरी है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हो सकते हैं।