हर महिला को महीने में छह दिनों तक पीरियड्स के असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है, जो उनके लिए काफी मुश्किल भरे होते हैं। इन दिनों में लीकेज से बचने, आरामदायक रहने और रोज़मर्रा के कामों को सामान्य रूप से करने के लिए महिलाएं पैड्स, टेम्पून या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करती हैं। आजकल मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग महिलाओं में काफी बढ़ गया है, और यह एक इको-फ्रेंडली, किफायती और कम्फर्टेबल विकल्प माना जाता है।
हालांकि, जैसे हर चीज के साथ कुछ न कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, वैसे ही मेंस्ट्रुअल कप से जुड़े कई सवाल भी महिलाओं के मन में होते हैं। क्या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना सुरक्षित है? इसे इस्तेमाल करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए, हम इन सभी सवालों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या होता है Menstrual Cup?
मेंस्ट्रुअल कप एक कप जैसा आकार का होता है और यह सिलिकॉन से बना होता है। इसे महिलाओं की वजाइना में डाला जाता है, और यह बहुत मुलायम होता है। जब यह वजाइना में जाता है, तो यह कप की तरह आकार ले लेता है और इसके अंदर पीरियड्स का रक्त जमा होने लगता है।
मेंस्ट्रुअल कप और इन्फेक्शन का खतरा
हालांकि मेंस्ट्रुअल कप एक सुरक्षित और आरामदायक विकल्प हो सकता है, लेकिन यदि इसे सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए, तो इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। कुछ प्रमुख कारणों से इन्फेक्शन हो सकते हैं:
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साफ-सफाई का ध्यान न रखना: अगर मेंस्ट्रुअल कप को ठीक से साफ नहीं किया जाता, तो उसमें बैक्टीरिया और अन्य संक्रमण पैदा हो सकते हैं। इसे इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह से धोना और हर बार उपयोग से पहले और बाद में साफ करना बेहद जरूरी है।
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कप का लंबे समय तक इस्तेमाल: अगर मेंस्ट्रुअल कप को निर्धारित समय से अधिक समय तक वजाइना में रखा जाता है, तो इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन या टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS) जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। आमतौर पर इसे 6-8 घंटे के बाद बदलना चाहिए, लेकिन इस दौरान समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है।
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सही आकार का कप न चुनना: महिलाओं को उनके शरीर के आकार और मासिक धर्म की मात्रा के अनुसार सही मेंस्ट्रुअल कप चुनना चाहिए। गलत आकार का कप न केवल असहज हो सकता है, बल्कि यह सही तरीके से काम नहीं करेगा और संक्रमण का कारण बन सकता है।
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कप को उबालने में लापरवाही: मेंस्ट्रुअल कप को हर उपयोग के बाद उबालकर सैनिटाइज करना चाहिए। यदि इसे उबालने या पूरी तरह से साफ करने में लापरवाही बरती जाती है, तो इससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
संक्रमण से बचने के उपाय:
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मेंस्ट्रुअल कप को हर इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह से धोएं और उबालें।
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कप को 6-8 घंटे में बदलें और ज़रूरत के अनुसार इसे नियमित रूप से चेक करें।
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हमेशा स्वच्छ हाथों से कप को इस्तेमाल करें और पहनने से पहले इसे पूरी तरह से साफ करें।
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सही आकार का कप चुनें, जो आपके शरीर के आकार और मासिक धर्म के प्रवाह के अनुसार फिट हो।
अगर आप इन सावधानियों का पालन करें, तो मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल सुरक्षित और इन्फेक्शन से बचने के लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है।