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38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड को मिला पहला स्वर्ण पदक, अचोम तपश ने वुशु में दिलाया पदक

देहरादून: उत्तराखंड के अचोम तपस ने वुशु में राज्य को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है, और यह उत्तराखंड के लिए खेलों में पहली स्वर्णिम सफलता है। अचोम तपस की इस जीत ने राज्य का नाम रोशन किया। वहीं, सात स्वर्ण पदकों के साथ कर्नाटक पहले स्थान पर बना हुआ है। कर्नाटक ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते, जिनमें तैराकी और साइकिलिंग के इवेंट्स शामिल हैं।

38वें राष्ट्रीय खेलों में गुरुवार को दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी टूटे। तमिलनाडु की नर्मदा राजू ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में 254.4 अंक के साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, हालांकि वह विश्व रिकॉर्ड की बराबरी से 0.1 अंक से चूकीं। वहीं, दिल्ली के कुशाग्र रावत ने 1500 मीटर में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 15:37:39 मिनट का नया रिकॉर्ड बनाया।

उत्तराखंड को पहली बार मिली स्वर्णिम सफलता
उत्तराखंड को खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक मिला है। अचोम तपस ने वुशु में राज्य को यह उपलब्धि दिलाई है। कर्नाटक सात स्वर्ण पदकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि उत्तराखंड की यह जीत राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

कर्नाटक ने जीते दो स्वर्ण पदक
गुरुवार को राष्ट्रीय खेलों में कर्नाटक ने दो स्वर्ण पदक तैराकी और साइकिलिंग में जीते। भारोत्तोलन में छत्तीसगढ़ का दबदबा रहा, जहां उसने दो स्वर्ण पदक जीते। महाराष्ट्र ने भी तैराकी और साइकिलिंग में स्वर्ण पदक जीते, जबकि केरल ने तैराकी और भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक हासिल किए।

वुशु में पदक जीतने की सिलसिला जारी
उत्तराखंड ने वुशु में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीते, जिससे राष्ट्रीय खेलों में राज्य का पदक जीतने का सिलसिला जारी रहा। भारोत्तोलन में छत्तीसगढ़ के विजय कुमार ने क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में 248 किग्रा भार उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी की।

रग्बी खिलाड़ी चोटिल, दून में उपचार
राष्ट्रीय खेलों के तहत बिहार की रग्बी टीम के 20 वर्षीय खिलाड़ी विद्यानंद चोटिल हो गए। उन्हें उपचार के लिए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। उनकी चोट माथे पर थी, जिसे तुरंत इमरजेंसी उपचार दिया गया। उनका सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आई।

चोटिल खिलाड़ी को उपचार में हुई दिक्कतें
हालांकि, अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण खिलाड़ी को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा। खिलाड़ी ने पेट में दर्द की शिकायत की थी, लेकिन वार्ड ब्वॉय ने उसे अल्ट्रासाउंड के लिए ओपीडी में भेजने से मना कर दिया। इसके बाद, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस बिष्ट को सूचित किया गया, जिन्होंने निर्देश दिया कि खिलाड़ी को तुरंत निशुल्क उपचार और जांच दी जाए।

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