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नई दिल्ली: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक बड़ी राहत देते हुए नीतिगत रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की, जो कि सर्वेक्षणों में की गई भविष्यवाणी से कहीं अधिक है. विकास को समर्थन देने के लिए एमपीसी द्वारा अग्रिम ब्याज दर में कटौती की गई है. रेपो रेट कटौती के बाद इसे 5.50 फीसदी कर दिया. एमपीसी ने अपना रुख ‘एडजस्टेबल’ से बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर लिया.
- आरबीआई चार किस्तों में सीआरआर (कैश रिजर्व रेशियो) में 100 आधार अंकों की कटौती करेगा, जो 4 फीसदी से घटकर 3 फीसदी रह जाएगा, यह सितंबर 2025 से प्रभावी होगा.
- वित्त वर्ष 2026 में मुद्रास्फीति पहले के 4 फीसदी के मुकाबले अब 3.7 फीसदी रहने का अनुमान बताया है.
- आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 जून को कहा कि केंद्रीय बैंक ने इस साल जनवरी से अब तक 9.5 लाख करोड़ रुपये की टिकाऊ लिक्विडिटी डाली है.
- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने के माल आयात को कवर करने तथा 96 फीसदी बकाया विदेशी लोन को चुकाने में सक्षम है.
वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी 6.5% रहने का अनुमान है.
- Q1-6.5%
- Q2-6.7
- Q3- 6.6
- Q4- 6.3%
आरबीआई एमपीसी अपडेट
- गवर्नर ने कहा कि कृषि क्षेत्र मजबूत बना हुआ है, फसल बहुत अच्छी रही है.
- निजी खपत में लगातार वृद्धि के साथ स्वस्थ्य बनी हुई है.
- आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सेवा क्षेत्र में गति बरकरार रहने की उम्मीद है.
- गैर-तेल गैर-सोने के आयात में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई.
- गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति नरम दिख रही है, लेकिन कोर मुद्रास्फीति भी सौम्य दिख रही है.
- आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई लक्ष्य मार्जिन से कम रहने की संभावना है.
- गवर्नर ने कहा कि वैश्विक पृष्ठभूमि नाजुक और अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है.
- मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निवेशकों के लिए अपार अवसर देती है.
एमपीसी ने पहले ही रेपो दर में कटौती कर दी है. वह दर जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है और जो सीधे उधारकर्ताओं के लोन ईएमआई को प्रभावित करता है. फरवरी 2025 से संचयी रूप से 50 आधार अंकों (बीपीएस) तक की कटौती की है.

